ता-उम्र मेरे सर पे रहा ग़म का आफ़्ताब लेकिन कभी हयात ने रुस्वा नहीं किया
Related Sher
मैं अगर अपनी जवानी के सुना दूँ क़िस्से ये जो लौंडे हैं मेरे पाँव दबाने लग जाए
Mehshar Afridi
136 likes
मैं चाहता हूँ मोहब्बत मेरा वो हाल करे कि ख़्वाब में भी दोबारा कभी मजाल न हो
Jawwad Sheikh
135 likes
मेरे होंटों पे अपनी प्यास रख दो और फिर सोचो कि इस के बा'द भी दुनिया में कुछ पाना ज़रूरी है
Waseem Barelvi
126 likes
तुम्हारे पाँव क़सम से बहुत ही प्यारे हैं ख़ुदा करे मेरे बच्चों की इन में जन्नत हो
Rafi Raza
107 likes
इश्क़ में ये दावा तो नईं है मैं ही अव्वल आऊँगा लेकिन इतना कह सकता हूँ अच्छे नंबर लाऊँगा
Zubair Ali Tabish
107 likes
More from shampa andaliib
वो ख़ुदा है या है ख़ुदा जैसा जिस के दम पर खड़े हुए हैं हम
shampa andaliib
0 likes
सिर्फ़ फूलों को चूमने वाले जब बहार आई तब नज़र आए
shampa andaliib
0 likes
साँसें दो चार रह गईं लेकिन ख़त तुम्हारा अभी नहीं आया
shampa andaliib
0 likes
तुम्हारा साथ जुगनू की तरह अब हमारी ज़िंदगी रौशन करेगा
shampa andaliib
0 likes
मुझ को अपना ख़याल रखना है तेरे दिल की भी बात कहनी है
shampa andaliib
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on shampa andaliib.
Similar Moods
More moods that pair well with shampa andaliib's sher.







