तुझे मिल कर लगा था रब मिलेगा नहीं जो अब मिला फिर कब मिलेगा
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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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यहाँ भी मैं तिरा दीदार करने की ख़ुशी में मिटा दूँगा अभी ये रार मरने की ख़ुशी में
Vishakt ki Kalam se
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यहाँ आगे किसी की भी निशानी तो नहीं है कहीं ये वो अधूरी सी कहानी तो नहीं है
Vishakt ki Kalam se
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ज़रूरी तो नहीं उस की हँसी में प्यार ही हो हँसी के इस जहाँ में और भी मतलब बहुत हैं
Vishakt ki Kalam se
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ज़रूरत ढूँढ़ लाती है पता मेरा मुझे अब इस पते से दूर जाना है
Vishakt ki Kalam se
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वही जो मौत से पहले हमारी मौत होती है नहीं होती हैं आँखें नम मगर इक सौत होती है
Vishakt ki Kalam se
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