sherKuch Alfaaz

तुझे पाकर यूँँ लगता है कि जैसे आठ वर्षों बा'द किसी ने खोद कर के क़ब्र से बाहर निकाला है

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इलाज अपना कराते फिर रहे हो जाने किस किस से मोहब्बत कर के देखो ना मोहब्बत क्यूँँ नहीं करते

Farhat Ehsaas

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तुम उन के वा'दे का ज़िक्र उन से क्यूँँ करो 'ग़ालिब' ये क्या कि तुम कहो और वो कहें कि याद नहीं

Mirza Ghalib

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घर में भी दिल नहीं लग रहा काम पर भी नहीं जा रहा जाने क्या ख़ौफ़ है जो तुझे चूम कर भी नहीं जा रहा रात के तीन बजने को है यार ये कैसा महबूब है जो गले भी नहीं लग रहा और घर भी नहीं जा रहा

Tehzeeb Hafi

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मैं उस से ये तो नहीं कह रहा जुदा न करे मगर वो कर नहीं सकता तो फिर कहा न करे वो जैसे छोड़ गया था मुझे उसे भी कभी ख़ुदा करे कि कोई छोड़ दे ख़ुदा न करे

Tehzeeb Hafi

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जैसे तुम ने वक़्त को हाथ में रोका हो सच तो ये है तुम आँखों का धोख़ा हो

Tehzeeb Hafi

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