तुझे पाकर यूँँ लगता है कि जैसे आठ वर्षों बा'द किसी ने खोद कर के क़ब्र से बाहर निकाला है
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इलाज अपना कराते फिर रहे हो जाने किस किस से मोहब्बत कर के देखो ना मोहब्बत क्यूँँ नहीं करते
Farhat Ehsaas
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तुम उन के वा'दे का ज़िक्र उन से क्यूँँ करो 'ग़ालिब' ये क्या कि तुम कहो और वो कहें कि याद नहीं
Mirza Ghalib
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घर में भी दिल नहीं लग रहा काम पर भी नहीं जा रहा जाने क्या ख़ौफ़ है जो तुझे चूम कर भी नहीं जा रहा रात के तीन बजने को है यार ये कैसा महबूब है जो गले भी नहीं लग रहा और घर भी नहीं जा रहा
Tehzeeb Hafi
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मैं उस से ये तो नहीं कह रहा जुदा न करे मगर वो कर नहीं सकता तो फिर कहा न करे वो जैसे छोड़ गया था मुझे उसे भी कभी ख़ुदा करे कि कोई छोड़ दे ख़ुदा न करे
Tehzeeb Hafi
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जैसे तुम ने वक़्त को हाथ में रोका हो सच तो ये है तुम आँखों का धोख़ा हो
Tehzeeb Hafi
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ये कमीने वक़्त पर वापस नहीं देते दोस्तों को तुम कभी पैसे नहीं देना
Raja Singh 'Kaabil'
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'मुनव्वर' जा चुके हो तुम हमें क्यूँ अलविदा कह कर यहाँ माँ के लिए अब शे'र बोलो कौन लिक्खेगा
Raja Singh 'Kaabil'
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याद मुझ को उस ने इतना कर लिया हिचकियों से साँस मेरी रुक गई
Raja Singh 'Kaabil'
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मैं ने नहीं बोला उसे ख़्वाबों में आना है तुम्हें वो शख़्स तो ख़्वाबों में अपने आप हाज़िर हो गया मैं चूमने वाला था उस के सुर्ख़ होंठों को तभी जाने कहाँ से यार उस का बाप हाज़िर हो गया
Raja Singh 'Kaabil'
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तू ख़ुश है या कोई दिक़्क़त है तुझ को तेरी पूरी ख़बर लाया करेंगे तेरी ससुराल में बन कर भिखारी तुझे हम देखने आया करेंगे
Raja Singh 'Kaabil'
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