तुम आसमान पे जाना तो चाँद से कहना जहाँ पे हम हैं वहाँ चांदनी बहुत कम है
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उस की जुल्फ़ें उदास हो जाए इस-क़दर रौशनी भी ठीक नहीं तुम ने नाराज़ होना छोड़ दिया इतनी नाराज़गी भी ठीक नहीं
Fahmi Badayuni
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मसअला ये नहीं कि इश्क़ हुआ है हम को मसअला ये है कि इज़हार किया जाना है
Rajesh Reddy
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हुई मुद्दत कि 'ग़ालिब' मर गया पर याद आता है वो हर इक बात पर कहना कि यूँँ होता तो क्या होता
Mirza Ghalib
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प्यार दो बार थोड़ी होता है हो तो फिर प्यार थोड़ी होता है यही बेहतर है तुम उसे रोको मुझ सेे इनकार थोड़ी होता है
Zubair Ali Tabish
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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लगाना बाग़ तो उस में मोहब्बत भी ज़रा रखना परिंदों के बिना कोई शजर पूरा नहीं होता
Shakeel Azmi
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दर्द में शिद्दत-ए-एहसास नहीं थी पहले ज़िंदगी राम का बन-बास नहीं थी पहले
Shakeel Azmi
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तुम ने स्वेटर बुना था मिरे नाम का मैं भी लाया था कुछ सर्दियाँ जंगली
Shakeel Azmi
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कच्ची 'उम्रों में हमें काम पर लगा दिया गया हम वो बच्चे जो जवानी से अलग कर दिए गए
Shakeel Azmi
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आदमी होता है माहौल से अच्छा या बुरा जानवर घर में रखे जाएँ तो इंसान से हैं
Shakeel Azmi
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