तुम इस का नुक़सान बताती अच्छी लगती हो वरना हम को शौक़ नहीं है सिगरेट-नोशी का
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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नताएज जब सर-ए-महशर मिलेंगे मोहब्बत के अलग नंबर मिलेंगे तुम्हारी मेज़बानी के बहाने कोई दिन हम भी अपने घर मिलेंगे
Khurram Afaq
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ख़ुद बुलाओ कि वो यूँँ घर से नहीं निकलेगा यहाँ इनआ'म मुक़द्दर से नहीं निकलेगा ऐसे मौसम में बिना काम के आया हुआ शख़्स इतनी जल्दी तेरे दफ़्तर से नहीं निकलेगा
Khurram Afaq
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अब ऐसे ज़ाविए पर लौ रखी जाने लगी है चराग़ों के तले भी रौशनी जाने लगी है नया पहलू सलीक़े से बयाँ करना पड़ेगा कहानी अब तवज्जोह से सुनी जाने लगी है
Khurram Afaq
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जो ज़रा ठीक से किरदार निगारी हो जाए ये कहानी तो हक़ीक़त पे भी तारी हो जाए तेरे हामी है सो उठ कर भी नहीं जा सकते जाने किस वक़्त यहाँ राय-शुमारी हो जाए
Khurram Afaq
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पहले ये रब्त मेरी ज़रूरत बनाओगे और फिर कहोगे राब्ता मुमकिन नहीं रहा
Khurram Afaq
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