तुम काजल हो मैं काजल की डिबिया हूँ हम दोनों इक साथ ख़रीदे जाएँगे
Related Sher
देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
300 likes
हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
298 likes
माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
296 likes
गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है
Rahat Indori
263 likes
वो लड़ कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं उस से मोहब्बत एक तरफ़ है उस से झगड़ा एक तरफ़
Varun Anand
264 likes
More from Shamsul Hasan ShamS
वक़्त लगेगा हम दोनों को लेकिन अच्छे हो जाएँगे
Shamsul Hasan ShamS
1 likes
मेरी आँखों ने भी वहशत का सबब जान लिया किसी के दुख पे तुम्हें रोते हुए देखता था
Shamsul Hasan ShamS
1 likes
कलेजा खींचती है याद उस की वो इक चेहरा बहुत याद आ रहा है तुम्हारे हिज्र का ग़म इन दिनों में मेरे चहरे की रौनक़ खा रहा है
Shamsul Hasan ShamS
1 likes
कह दिया काफ़िर उसे तो क्या वो काफ़िर हो गया कौन जाने किस के सीने में ख़ुदा मौजूद है
Shamsul Hasan ShamS
1 likes
सुकूँ से जी रहा हूँ हिज्र के दिन तुम्हारी बद-दुआ को सात बोसे
Shamsul Hasan ShamS
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Shamsul Hasan ShamS.
Similar Moods
More moods that pair well with Shamsul Hasan ShamS's sher.







