तुम मिसाल-ए-मुहब्बत हो 'सागर' तुम किसी से भी नफ़रत न करना
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किसी गली में किराए पे घर लिया उस ने फिर उस गली में घरों के किराए बढ़ने लगे
Umair Najmi
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सभी का ख़ून है शामिल यहाँ की मिट्टी में किसी के बाप का हिन्दुस्तान थोड़ी है
Rahat Indori
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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तुम उन के वा'दे का ज़िक्र उन से क्यूँँ करो 'ग़ालिब' ये क्या कि तुम कहो और वो कहें कि याद नहीं
Mirza Ghalib
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सभी का है वो बस हमारा नहीं यही बात दिल को गवारा नहीं मुहब्बत ने मेरी है मारा मुझे मुझे मौत ने मेरी मारा नहीं
SAAGAR SINGH RAJPUT
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बाज़ार में नसीब का सिक्का जो चल पड़ा आक़िल मिलेगा पैर पे बैठा गँवार के ग़म छोड़ते नहीं हैं मिरा साथ और मैं बैठा हूँ इंतिज़ार में कब से बहार के
SAAGAR SINGH RAJPUT
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सभी का मशवरा है ये कि तुझ को भूल जाऊँ मैं अभी मुझ को नहीं मरना उन्हें कैसे बताऊँ मैं तिरे ही साथ जीने और मरने का इरादा है अगर तू दे इजाज़त तो तिरे सपने सजाऊँ मैं
SAAGAR SINGH RAJPUT
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पड़ेगा कूदना मँझधार में गर चाहिए मोती किसी ने भी नहीं पाया कभी मोती किनारों पर
SAAGAR SINGH RAJPUT
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उदासी जान की दुश्मन बनी है बहुत ख़तरे में मेरी ज़िंदगी है सहारा चाहिए मुझ को तुम्हारा पता इस वक़्त मेरा बम्बई है
SAAGAR SINGH RAJPUT
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