तुम्हारे है दामन में बस जी-हुज़ूरी ये सारी रिफ़ाक़त तो हम को मिली है
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मेहरबाँ हम पे हर इक रात हुआ करती थी आँख लगते ही मुलाक़ात हुआ करती थी हिज्र की रात है और आँख में आँसू भी नहीं ऐसे मौसम में तो बरसात हुआ करती थी
Ismail Raaz
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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धूप में निकलो घटाओं में नहा कर देखो ज़िंदगी क्या है किताबों को हटा कर देखो
Nida Fazli
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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उस ने जिस आजिज़ी में डाल दिया मेरा अपना ही तजरबा था कहीं
Kashif Hussain Kashif
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उस की मर्ज़ी जिसे तवक़्क़ो दे ये तो बस एक है समाँ मेरा
Kashif Hussain Kashif
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ज़ाहिद तेरे ख़याल में किस ने ख़लल है दी बाक़ी रहा ये दिल में कही बस मलाल है
Kashif Hussain Kashif
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मैं ही था पागल कहीं ख़ुद मेरे ही इमकान से तोड़ जाता दिल मेरा ही कितने इत्मीनान से
Kashif Hussain Kashif
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ये मेरे ख़्वाब को इस तरह से न बिखराओ अजब यही है कि तुम मुझ से यूँँ न घबराओ
Kashif Hussain Kashif
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