तुम्हारी रुख़्सत से हम भला क्यूँँ अकेले पड़ते तुम्हारा दुख आजतक तुम्हारी जगह खड़ा है
sherKuch Alfaaz
Adnan Mohsin11 Likes
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तेरे लगाए हुए ज़ख़्म क्यूँँ नहीं भरते मेरे लगाए हुए पेड़ सूख जाते हैं
Tehzeeb Hafi
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ले दे के अपने पास फ़क़त इक नज़र तो है क्यूँँ देखें ज़िंदगी को किसी की नज़र से हम
Sahir Ludhianvi
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भूलभुलैया था उन ज़ुल्फ़ों में लेकिन हम को उस में अपनी राहें दिखती थीं आप की आँखों को देखा तो इल्म हुआ क्यूँँ अर्जुन को केवल आँखें दिखती थीं
Ashraf Jahangeer
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इतना प्यारा है वो चेहरा कि नज़र पड़ते ही लोग हाथों की लकीरों की तरफ़ देखते हैं
Nadir Ariz
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इस वक़्त मुझे जितनी ज़रूरत है तुम्हारी लड़ते भी रहोगे तो मोहब्बत है तुम्हारी
Zia Mazkoor
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