तुम्हारी याद का रंग डाल कर के कहा तन्हाई ने होली मुबारक !
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तेरे जाने के बा'द बस यादें हर तरफ़ याद-याद बस यादें सोना, चाँदी, जमीन, घर सब कुछ हैं मेरी जायदाद बस यादें
Sandeep Thakur
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वाक़िफ़ कहाँ ज़माना हमारी उड़ान से वो और थे जो हार गए आसमान से
Faheem Jogapuri
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इस तरह रोते हैं हम याद तुझे करते हुए जैसे तू होता तो सीने से लगा लेता हमें
Vikram Gaur Vairagi
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अब लगता है ठीक कहा था 'ग़ालिब' ने बढ़ते बढ़ते दर्द दवा हो जाता है
Madan Mohan Danish
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सैर कर दुनिया की ग़ाफ़िल ज़िंदगानी फिर कहाँ ज़िंदगी गर कुछ रही तो ये जवानी फिर कहाँ
Khwaja Meer Dard
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इस कदर ख़्वाब हैं वस्ल के आँख में आबले पाँव के हम को दिखते नहीं
Bhaskar Shukla
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लाज़िम है अब कि आप ज़ियादा उदास हों इस शहर में बचे हैं बहुत कम उदास लोग
Bhaskar Shukla
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आँखें मैं ने बंद रखी हैं या'नी उन को देख रहा हूँ
Bhaskar Shukla
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मिले थे फरवरी में आपसे पहली दफ़ा हम तभी से दोस्ती सी हो गई है फरवरी से
Bhaskar Shukla
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वरना तो ये दीवार-ओ-दर लगता है तुम होती हो घर में तो घर लगता है
Bhaskar Shukla
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