तुम्हें गर याद आती थी मुझे ख़त क्यूँ नहीं लिक्खा मिरा नंबर नहीं तो क्या पता तो जानते ही थे
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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तुम्हारी याद के गहरे भँवर में तख़य्युल रक़्स करना चाहता है
Gaurav Singh
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वो जिस तरह से नाम मेरा लेती है मुझे लगता है मेरे होने से दुनिया जहान है
Gaurav Singh
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तुम्हारा पहलू तुम्हारी मर्ज़ी जिसे भी चाहो बिठाओ इस में मगर मेरी जाँ हमारे दिल का हुआ तमाशा तो याद रखना
Gaurav Singh
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सारी दुनिया जान रही है ख़ुश रहना बस एक भरम है
Gaurav Singh
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उदासी है न यादें हैं न तेरे काल का चक्कर हमारी शाम है जाना तुम्हारे शाम से बेहतर
Gaurav Singh
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