तुम्हें ये सब समझने में अभी थोड़ा समय तो है किसी ने ज़िंदगी कैसे दुखी हो कर निकाली थी
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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उसे तर्क-ए-मोहब्बत से नहीं कोई परेशानी इसी इक बात ने दिल में परेशानी बढ़ाई है
Amanpreet singh
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वो पहाड़ों से यूँँ नीचे देखता है जैसे अब भी बाबा नीचे बैठे होंगे
Amanpreet singh
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उसे मुझ सेे शिकायत एक ये भी थी मुझे उस सेे मोहब्बत ही हुई थी क्यूँ
Amanpreet singh
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तुम्हें ही प्रीत था करना न आया ये सभी कहते रहे थे कर वफ़ा लो तुम
Amanpreet singh
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वही फिर बात होने से ख़फ़ा हो तुम वहीं फिर बात करने की मुआ'फ़ी है
Amanpreet singh
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