sherKuch Alfaaz

उदासी जिस तरह देखी बदन में है उसे कहना कहीं मर ही न जाए हम घुटन में है उसे कहना हमारे लोग जो घर तक बचा पाए नहीं अपना गए मिट आग की ऐसी जलन में है उसे कहना

Related Sher

कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ

Ali Zaryoun

521 likes

शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे

Rahat Indori

435 likes

सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ

Jaun Elia

545 likes

तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है

Faiz Ahmad Faiz

401 likes

अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है

Abrar Kashif

221 likes

More from Shivam Raahi Badayuni

उम्मीद नहीं कोई हमें याद करोगे ऐसा है मिरा ज़ख़्म के बर्बाद करोगे है बात ख़मोशी की उदासी की हमारी क्या आप हमें दर्द से आज़ाद करोगे

Shivam Raahi Badayuni

1 likes

ज़िंदगी जिस दिन मिरी तू जान लेता बात मेरी तू उसी दिन मान लेता डूबते आख़िर नहीं वो सब हमारे तब अगर गहराई मेरी जान लेता

Shivam Raahi Badayuni

1 likes

सफ़र रुक गया और चलने के बा'द बचा ही नहीं घर ये जलने के बा'द

Shivam Raahi Badayuni

1 likes

हमारा ग़म हमारे ही बदन मैं पल रहा कैसे अभी तक वो दिया आँधी में इतना जल रहा कैसे कही वो थक चुका होगा बशर चलते हुए इतना बिना ही प्यास के उस का सहारा चल रहा कैसे

Shivam Raahi Badayuni

2 likes

और फिर तय ये हुआ चेहरा नहीं देखेंगे जाने वालों का कभी रस्ता नहीं देखेंगे आज चढ़ जा तू ये ऊँचाई कि अब मंज़िल पर कल भला लोग तुझे बढ़ता नहीं देखेंगे

Shivam Raahi Badayuni

1 likes

Similar Writers

View All ›

Our suggestions based on Shivam Raahi Badayuni.

Similar Moods

View All ›

More moods that pair well with Shivam Raahi Badayuni's sher.