उदासी का सबब उस सेे जो हम तब पूछ लेते वजह फिर पूछनी पड़ती न शायद ख़ुद-कुशी की
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मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
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जानता हूँ कि तुझे साथ तो रखते हैं कई पूछना था कि तेरा ध्यान भी रखता है कोई?
Umair Najmi
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मैं चाहता था मुझ सेे बिछड़ कर वो ख़ुश रहे लेकिन वो ख़ुश हुआ तो बड़ा दुख हुआ मुझे
Umair Najmi
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हम हैं ना! ये जो मुझ सेे कहते हैं ख़ुद किसी और के भरोसे हैं ज़िंदगी के लिए बताओ कुछ ख़ुद-कुशी के तो सौ तरीक़े हैं
Vikram Gaur Vairagi
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मत पूछो कितना ग़मगीं हूँ गंगा जी और जमुना जी ज़्यादा तुम को याद नहीं हूँ गंगा जी और जमुना जी अमरोहे में बान नदी के पास जो लड़का रहता था अब वो कहाँ है मैं तो वहीं हूँ गंगा जी और जमुना जी
Jaun Elia
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ज़ख़्म ऐसा दो मुझे अब इश्क़ में, के नील ही पड़ जाए मेरे दिल के अंदर
Dipendra Singh 'Raaz'
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वो इक गली जिसे छोड़ हुए मुझे बरसों न जाने क्यूँ मेरे ख़्वाबों में रोज़ आती है
Dipendra Singh 'Raaz'
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आए सही वो आए भले देर से यहाँ कितनी तो देर लगती है अजमेर से यहाँ
Dipendra Singh 'Raaz'
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वो मेरे ज़ेहन के कोने में दबा बैठा था उस को फिर बहर में डाला तो कहीं शे'र बना
Dipendra Singh 'Raaz'
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वो अपने ज़ेहन में रखती थी पहले मुझ को फिर वो मेरा नाम बनाती थी अपने हाथों पे
Dipendra Singh 'Raaz'
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