उफ़ानों सा उठा है शोर दिल में लबों पे नाम तेरा आ रहा है यही है वक़्त कहने का उसे सब यही पैग़ाम कब से आ रहा है
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
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क्यूँ डरें ज़िन्दगी में क्या होगा कुछ न होगा तो तजरबा होगा
Javed Akhtar
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हज़ारों साल नर्गिस अपनी बे-नूरी पे रोती है बड़ी मुश्किल से होता है चमन में दीदा-वर पैदा
Allama Iqbal
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देरी से समझोगे इनका साथ मगर तुम क्या जानो ऐसे लोगों का होना जो ख़ूब अकेले रहते हैं
Abhay Mishra
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बहुत डूबे चलो अब तो किनारा कर लिया जाए हमारा था उसे मेरा तुम्हारा कर लिया जाए अँधेरा है बहुत चारों तरफ़ कुछ ऐसा करते हैं जलाकर दरमियाँ का सब उजाला कर दिया जाए
Abhay Mishra
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वो कली अब ख़ुद निखरती जा रही है धूप आने तक जो कुछ सुकड़ी हुई थी
Abhay Mishra
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यही बस याद रखना है तुझे अब लगेगा पर उसे कहना नहीं है
Abhay Mishra
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उन लबों को चूम कर पगला गया हूँ एक बोसा ये क़यामत कर रहा है
Abhay Mishra
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