उजलत में राह भूल भी जाता है राहगीर दो चार ठोकरें मुझे लगनी ही चाहिए
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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ये समुंदर भी ख़ाली कर दूँगा एक क़तरा तो पी लिया मैं ने
Sohil Barelvi
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ये जन्म-दिन का दिन तो नहीं है मगर हबीब ऐसी दुआएँ दे कि यही जन्म-दिन लगे
Sohil Barelvi
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वहाँ तक रौशनी क़ाइम रहेगी ये नस्ल-ए-नौ जहाँ तक जा रही है
Sohil Barelvi
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तिरा साथ क़िस्मत नहीं दे कभी तो मिरी जाँ समझना मिरे साथ भी कुछ बुरा हो रहा है
Sohil Barelvi
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सद-शुक्र वक़्त पर जो मुझे दोस्त तुम मिले वर्ना मैं जा चुका था जहान-ए-ख़राब में
Sohil Barelvi
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