सद-शुक्र वक़्त पर जो मुझे दोस्त तुम मिले वर्ना मैं जा चुका था जहान-ए-ख़राब में
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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बड़े नादान हो तुम भी ज़रा समझा करो बातें गले मिल कर जो रोती है बिछड़ कर कितना रोएगी
Ankita Singh
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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
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याद-ए-माज़ी के सिवा कुछ नहीं रहता है यहाँ देखते देखते हर साल गुज़र जाता है
Sohil Barelvi
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याद आता है धीरे धीरे कैसे दुनिया उजड़ी अपनी कुछ हम बदले कुछ तुम बदले बा'द में क़िस्मत बदली अपनी
Sohil Barelvi
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याद आया बहुत दिनों के बा'द मेरे अंदर भी कोई रहता है
Sohil Barelvi
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तुम्हारा शहर तो आया है फिर भी मेरी गाड़ी बराबर चल रही है
Sohil Barelvi
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वो कहीं और हो गया मसरूफ़ मैं भी अपनी तरफ़ चला आया
Sohil Barelvi
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