उन के शयनांगन से बिल्कुल सटकर स्वर्ग बसा होगा रूप-जलधि से उन के भर-भर देव सुधाघट पीते हैं स्रोत सभी औषधि-लेपों का है उन की कोमलता में देव दनुज सब युद्ध-व्रणों को उन हाथों से सीते हैं
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मिले किसी से गिरे जिस भी जाल पर मेरे दोस्त मैं उस को छोड़ चुका उस के हाल पर मेरे दोस्त ज़मीं पे सबका मुक़द्दर तो मेरे जैसा नहीं किसी के साथ तो होगा वो कॉल पर मेरे दोस्त
Ali Zaryoun
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क्यूँ डरें ज़िन्दगी में क्या होगा कुछ न होगा तो तजरबा होगा
Javed Akhtar
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आज हम दोनों बहुत ख़ुश साथ में रहते कहीं घर बसाने की अगर जल्दी नहीं होती तुम्हें
Tanoj Dadhich
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मुझ में कमियाँ निकालने वालों और कुछ होगा भी नहीं तुम सेे
Vikram Gaur Vairagi
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ज़िक्र जब होगा मोहब्बत में तबाही का कहीं याद हम आएँगे दुनिया को हवालों की तरह
Sudarshan Fakir
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वादों से मुकर जाना तो फ़ितरत है तुम्हारी कुछ और नया खेल दिखाओ तो बने बात
Nityanand Vajpayee
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जो मेरी कामयाबी रोक पाने के नहीं क़ाबिल मेरी बदनामियों से उन को दिल बहलाने दो ख़ुद का
Nityanand Vajpayee
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बारूदों की पौध लगा कर जड़ में ख़ुद को खाद करोगे
Nityanand Vajpayee
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रहे हो आप काँटों में महीनों तक मेरे दिलबर बस इक शब होने को सोचा था हम-बिस्तर चले आते
Nityanand Vajpayee
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नाम बदले हैं तो सूरत भी बदलनी चहिए हम गरीबों की सहूलत भी सँवरनी चहिए वो जो सतवत के नशेड़ी हैं कई बरसों से उन के ज़हनों से ये मय भी तो उतरनी चहिए
Nityanand Vajpayee
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