वादों से मुकर जाना तो फ़ितरत है तुम्हारी कुछ और नया खेल दिखाओ तो बने बात
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क्यूँ डरें ज़िन्दगी में क्या होगा कुछ न होगा तो तजरबा होगा
Javed Akhtar
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तुम्हारी आँखों की तौहीन है ज़रा सोचो तुम्हारा चाहने वाला शराब पीता है
Munawwar Rana
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हम तो कुछ देर हँस भी लेते हैं दिल हमेशा उदास रहता है
Bashir Badr
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ये इश्क़ नहीं आसाँ इतना ही समझ लीजे इक आग का दरिया है और डूब के जाना है
Jigar Moradabadi
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क्या बोला मुझे ख़ुद को तुम्हारा नहीं कहना ये बात कभी मुझ सेे दुबारा नहीं कहना ये हुक़्म भी उस जान से प्यारे ने दिया है कुछ भी हो मुझे जान से प्यारा नहीं कहना
Ali Zaryoun
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झूठ जुमला है कि मर्दों को नहीं होता है दर्द हर बशर की रूह को ग़म सालता तो ख़ूब है दोस्ती कर ली हो जिसने रंज-ओ-ग़म की शाम से दर्द ही दुश्मन है उसका दर्द ही महबूब है
Nityanand Vajpayee
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मेरी कश्ती से तूफ़ानों का जाने क्या रिश्ता है ज्यूँँ ही धारों में उतरेगी तूफ़ाँ मिलने आएगा
Nityanand Vajpayee
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तड़प मेरे कलेजे की समझ भी जाओ जान-ए-जाँ ज़ियादा और खुल कर क्या कहूँ बस घर चले आते
Nityanand Vajpayee
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फ़ज़ा में इक नई रंगत है बे-ईमान है मौसम भले कुछ देर ही रुकते मगर दिलबर चले आते
Nityanand Vajpayee
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ज़रा सी कामयाबी पर ग़ुरूर उन को है इतना क्यूँ ये दुनिया ख़्वाब है फिर ख़्वाब की औक़ात ही क्या है
Nityanand Vajpayee
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