us ko muddat hui sabr karte hue aaj ku-e-wafa se guzarte hue puchh kar us gada ka thikana sajan apne 'insha' ko bhi dekh aana sajan
Related Sher
हम भी गाँव में शाम को बैठा करते थे हम को भी हालात ने बाहर भेजा है
Zahid Bashir
94 likes
अच्छी लड़की ज़िद नहीं करते देखो इश्क़ बुरा होता है
Ali Zaryoun
91 likes
और फिर एक दिन बैठे बैठे मुझे अपनी दुनिया बुरी लग गई जिस को आबाद करते हुए मेरे मां-बाप की ज़िंदगी लग गई
Tehzeeb Hafi
207 likes
इस तरह रोते हैं हम याद तुझे करते हुए जैसे तू होता तो सीने से लगा लेता हमें
Vikram Gaur Vairagi
84 likes
वो नहीं मेरा मगर उस से मोहब्बत है तो है ये अगर रस्मों रिवाजों से बग़ावत है तो है
Deepti Mishra
102 likes
More from Ibn۔e۔Insha
जो मोतियों की तलब ने कभी उदास किया तो हम भी राह से कंकर समेट लाए बहुत
Ibn E Insha
9 likes
दिल हिज्र के दर्द से बोझल है अब आन मिलो तो बेहतर हो इस बात से हम को क्या मतलब ये कैसे हो ये क्यूँँकर हो
Ibn E Insha
17 likes
बे तेरे क्या वहशत हम को तुझ बिन कैसा सब्र-ओ-सुकूँ तू ही अपना शहर है जानी तू ही अपना सहरा है
Ibn E Insha
18 likes
वहशत-ए-दिल के ख़रीदार भी नापैद हुए कौन अब इश्क़ के बाज़ार में खोलेगा दुकाँ
Ibn E Insha
20 likes
वो रातें चाँद के साथ गईं वो बातें चाँद के साथ गईं अब सुख के सपने क्या देखें जब दुख का सूरज सर पर हो
Ibn E Insha
20 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Ibn۔e۔Insha.
Similar Moods
More moods that pair well with Ibn۔e۔Insha's sher.







