उसी रस्सी से अब लटकी हुई है कभी जिस सेे वो झूला झूलती थी
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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कोई शहर था जिस की एक गली मेरी हर आहट पहचानती थी मेरे नाम का इक दरवाज़ा था इक खिड़की मुझ को जानती थी
Ali Zaryoun
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दिल के दरवाज़े भेड़ कर देखो जख़्म सारे उधेड़ कर देखो बंद कमरे में आईने से कभी तुम मेरा जिक्र छेड़ कर देखो
Sandeep Thakur
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वो अफ़्साना जिसे अंजाम तक लाना न हो मुमकिन उसे इक ख़ूब-सूरत मोड़ दे कर छोड़ना अच्छा
Sahir Ludhianvi
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अब इन जले हुए जिस्मों पे ख़ुद ही साया करो तुम्हें कहा था बता कर क़रीब आया करो मैं उस के बा'द महिनों उदास रहता हूँ मज़ाक में भी मुझे हाथ मत लगाया करो
Tehzeeb Hafi
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रस्सी डालूँ पंखे पर और मर जाऊँ कभी कभी तो ऐसी ख़्वाहिश होती है
Gopesh "Tanha"
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मौत का असली मज़ा अब आएगा मुझ में जो शाइ'र है वो रह जाएगा
Gopesh "Tanha"
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मेरे किरदार को जबरन ही यूँँ उलझा रहे हो तुम मैं ऐसा हूँ नहीं जैसा मुझे दिखला रहे हो तुम
Gopesh "Tanha"
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मोहब्बत की कसौटी ही बुरी है मियाँ साथी मुकर जाता है इस में अभी तुम रात पर अटके हुए हो मियाँ जीवन गुज़र जाता है इस में
Gopesh "Tanha"
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हमेशा कुछ नहीं रहता है प्यारे मुझे भी एक दिन जाना पड़ेगा
Gopesh "Tanha"
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