उस पे मरते हो तो उस की ख़ामियों से बैर क्यूँ चाँद के आशिक़ के हिस्से दाग़ तो आएँगे ना
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कौन सी बात है तुम में ऐसी इतने अच्छे क्यूँँ लगते हो
Mohsin Naqvi
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मैं क्या कहूँ के मुझे सब्र क्यूँँ नहीं आता मैं क्या करूँँ के तुझे देखने की आदत है
Ahmad Faraz
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चाँदी सोना एक तरफ़ तेरा होना एक तरफ़ एक तरफ़ तेरी आँखें जादू टोना एक तरफ़
Gyan Prakash Akul
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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तेरे लगाए हुए ज़ख़्म क्यूँँ नहीं भरते मेरे लगाए हुए पेड़ सूख जाते हैं
Tehzeeb Hafi
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ज़िन्दगी की उलझनों की फ़िक्र करना छोड़ कर हम तेरी ज़ुल्फों में उलझने की तमन्ना कर रहे हैं
Alankrat Srivastava
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जीवन को गुलज़ार करें क्या क्या कहती हो प्यार करें क्या तुम को चूमा ग़लती कर दी ग़लती फिर इक बार करें क्या
Alankrat Srivastava
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एक जैसे दिखने वाले सात होते हैं मगर उस के जैसा कोई दूजा भी मुझे दिखता नहीं
Alankrat Srivastava
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सुर नहीं कहीं भी ऐसे कोई भी सितार में सुर जो बोली में है तेरी है तेरी पुकार में मंदिरों में मस्जिदों में बन नहीं सके मगर आदमी बने हैं आदमी पड़े जो प्यार में
Alankrat Srivastava
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तुम सेे सुंदर होंगी तो होंगी बस राधा रानी जू वरना तो तीनों लोकों में तुम सेा सुंदर कोई नईं
Alankrat Srivastava
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