उस के ख़त रात भर यूँँ पढ़ता हूँ जैसे कल इम्तिहान हो मेरा
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है
Rahat Indori
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मैं ने उस सेे प्यार किया है मिल्किय्यत का दावा नइँ वो जिस के भी साथ है मैं उस को भी अपना मानता हूँ
Ali Zaryoun
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ले दे के अपने पास फ़क़त इक नज़र तो है क्यूँँ देखें ज़िंदगी को किसी की नज़र से हम
Sahir Ludhianvi
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इक हुनर है जो कर गया हूँ मैं सब के दिल से उतर गया हूँ मैं
Jaun Elia
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पहेली ज़िंदगी की कब तू ऐ नादान समझेगा बहुत दुश्वारियाँ होंगी अगर आसान समझेगा
Zubair Ali Tabish
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एक ही बार नज़र पड़ती है उन पर ‘ताबिश’ और फिर वो ही लगातार नज़र आते हैं
Zubair Ali Tabish
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चाहत में मर जाने वाली लड़की हो तुम सचमुच अफ़साने वाली लड़की हो आख़िरी बैंच पे बैठने वाला लड़का मैं जाओ तुम अव्वल आने वाली लड़की हो
Zubair Ali Tabish
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भरे हुए जाम पर सुराही का सर झुका तो बुरा लगेगा जिसे तेरी आरज़ू नहीं तू उसे मिला तो बुरा लगेगा ये आख़िरी कंपकंपाता जुमला कि इस तअ'ल्लुक़ को ख़त्म कर दो बड़े जतन से कहा है उस ने नहीं किया तो बुरा लगेगा
Zubair Ali Tabish
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किसी का हाथ थाम लूँ मैं वो तन्हा मिल गया तो क्या कहूँगा
Zubair Ali Tabish
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