उतना झुका तेरे ख़ातिर मैं जितना झुक सकता था फिर इतने पर तो कोई दुश्मन भी रुक सकता था
Related Sher
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
333 likes
उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
361 likes
मैं अगर अपनी जवानी के सुना दूँ क़िस्से ये जो लौंडे हैं मेरे पाँव दबाने लग जाए
Mehshar Afridi
136 likes
कोई इतना प्यारा कैसे हो सकता है फिर सारे का सारा कैसे हो सकता है तुझ सेे जब मिल कर भी उदासी कम नहीं होती तेरे बग़ैर गुज़ारा कैसे हो सकता है
Jawwad Sheikh
163 likes
More from Manoj Devdutt
वक़्त जब जाने का आया है तब मुझे उस ने बुलाया है
Manoj Devdutt
0 likes
तुर्बत मेरी तो फिर बनेगी ही नहीं हिन्दू जलाए ही गए मरने के बा'द
Manoj Devdutt
1 likes
शहर में पैदा ख़राबी हो गई है नस्ल ये पूरी शराबी हो गई है बाप ने जीवन गुज़ारा मुफ़्लिसी में नस्ल पर उस की नवाबी हो गई है
Manoj Devdutt
1 likes
सिलसिला ये हम कभी रुकने नहीं देंगे ख़ुद के होते हम तुझे झुकने नहीं देंगे
Manoj Devdutt
1 likes
सितम्बर को सितमगर लिखते हैं यही तो हम सुख़न-वर लिखते हैं
Manoj Devdutt
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Manoj Devdutt.
Similar Moods
More moods that pair well with Manoj Devdutt's sher.







