waiz ki aankhen khul gain pite hi saqiya ye jam-e-mai tha ya koi dariya-e-nur tha
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मुनव्वर माँ के आगे यूँँ कभी खुल कर नहीं रोना जहाँ बुनियाद हो इतनी नमी अच्छी नहीं होती
Munawwar Rana
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सब इंतिज़ार में थे कब कोई ज़बान खुले फिर उस के होंठ खुले और सबके कान खुले
Umair Najmi
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बेनतीजा रह गईं दिल्ली में सारी बैठकें अन्नदाता खेत की मेड़ों पे भूखे मर गए
Siraj Faisal Khan
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आँख हो बंद तो वो अपना है आँख खुल जाए तो वो सपना है वो मिले या नहीं मिले हम को उम्र भर उस का नाम जपना है
Sandeep Thakur
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छोटी छोटी बातें कर के, बड़े कहाँ हो जाओगे पतली गलियों से निकलो तो खुली सड़क पर आओगे
Waseem Barelvi
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सब्र करना सख़्त मुश्किल है तड़पना सहल है अपने बस का काम कर लेता हूँ आसाँ देख कर
Yagana Changezi
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हँस के कहता है कि घर अपना क़फ़स को समझो सबक़ उल्टा मेरा सय्याद पढ़ाता है मुझे
Yagana Changezi
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मुसीबत का पहाड़ आख़िर किसी दिन कट ही जाएगा मुझे सर मार कर तेशे से मर जाना नहीं आता
Yagana Changezi
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दुनिया से अलग जा के कहीं सर फोड़ो या जीते ही जी मुर्दों से नाता जोड़ो क्यूँँ ठोकरें खाने को पड़े हो बेकार बढ़ना है बढ़ो नहीं तो रस्ता छोड़ो
Yagana Changezi
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क्यूँँ किसी से वफ़ा करे कोई दिल न माने तो क्या करे कोई
Yagana Changezi
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