वो अपने ही अंदर में ख़ुद से है लड़ता जो कहता है मुझ को नहीं फ़र्क पड़ता
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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तू किसी और ही दुनिया में मिली थी मुझ सेे तू किसी और ही मौसम की महक लाई थी डर रहा था कि कहीं ज़ख़्म न भर जाएँ मेरे और तू मुट्ठियाँ भर-भर के नमक लाई थी
Tehzeeb Hafi
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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अब इन जले हुए जिस्मों पे ख़ुद ही साया करो तुम्हें कहा था बता कर क़रीब आया करो मैं उस के बा'द महिनों उदास रहता हूँ मज़ाक में भी मुझे हाथ मत लगाया करो
Tehzeeb Hafi
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याद है जब कहा करती थी माँ घर आ तेरी मरम्मत करूँँगी
Sahil Verma
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आरज़ू थी ये, कोई लगा ले गले अब मगर सब की बाँहों से डर लगता है
Sahil Verma
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तुम दर्द को भुला दो आँसू चुरा लो उस के शरमाए लाख वो पर तुम तो गले लगाओ
Sahil Verma
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याद बनकर लिखा होता दिल पे जो भी एक आँसू वो सब कुछ मिटा आता है
Sahil Verma
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फूल से काँटे कोई तो चुनना चाहे कोई हो जो मेरी बातें सुनना चाहे मैं ख़यालों में ही जिस के खो चुका हूँ काश वो भी ख़्वाब मेरे बुनना चाहे
Sahil Verma
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