वो अपने हिस्से की मोहब्बत पहले ही कर चुकी किसी के साथ हम को तो बस अपना दर्द - ए - दिल बतलाने के लिए रक्खा है
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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तुम मोहब्बत को खेल कहते हो हम ने बर्बाद ज़िंदगी कर ली
Bashir Badr
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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दिल-परिन्दा क़फ़स में ख़ुश है अब आसमाँ बोझ लग रहा था इसे
Yuvraj Singh Faujdar
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ज़ख़्म बस भरने ही वाले थे मेरे एक ख़त फिर मिल गया उस का मुझे
Yuvraj Singh Faujdar
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ये इश्क़ का जो खेल है रस्सा-कशी का खेल है जितने भी गिरने वाले हैं सब जीते माने जाते हैं
Yuvraj Singh Faujdar
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उसे अपना बनाने में ये दिक़्क़त है मेरी ग़ज़लें ये जादू कर न पाएँगी
Yuvraj Singh Faujdar
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पत्थर तोड़ा करते थे जो हाथ उन में भी अब इश्क़ के छाले हैं
Yuvraj Singh Faujdar
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