दिल-परिन्दा क़फ़स में ख़ुश है अब आसमाँ बोझ लग रहा था इसे
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है
Mirza Ghalib
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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ज़ख़्म बस भरने ही वाले थे मेरे एक ख़त फिर मिल गया उस का मुझे
Yuvraj Singh Faujdar
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कर के वा'दा मुकर गया है कोई इश्क़ करने से डर गया है कोई लाश की बू सी आती है हर रोज़ लगता है मुझ में मर गया है कोई
Yuvraj Singh Faujdar
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उठा देते हो उँगली आसानी से तुम है हिम्मत तो मिसरा उठा कर बताओ
Yuvraj Singh Faujdar
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वो अच्छी लड़की है बस इक बात का दुख है मुझ को अच्छी चीज़ों की आदत नइँ लगती
Yuvraj Singh Faujdar
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ये लम्हे मुद्दतों के बा'द आए हैं फ़क़त देखे न जाएँ ये जिए जाएँ
Yuvraj Singh Faujdar
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