ये लम्हे मुद्दतों के बा'द आए हैं फ़क़त देखे न जाएँ ये जिए जाएँ
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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
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मंज़िलें क्या हैं, रास्ता क्या है हौसला हो तो फ़ासला क्या है
Aalok Shrivastav
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उस को फ़ुर्सत नहीं मिलती कि पलट कर देखे हम ही दीवाने हैं दीवाने बने रहते हैं
Waseem Barelvi
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पूछते हैं वो कि ग़ालिब कौन है कोई बतलाओ कि हम बतलाएँ क्या
Mirza Ghalib
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तुम्हारे नाम की हर लड़की से मिला हूँ मैं तुम्हारा नाम फ़क़त तुम पे अच्छा लगता है
Unknown
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दिल-परिन्दा क़फ़स में ख़ुश है अब आसमाँ बोझ लग रहा था इसे
Yuvraj Singh Faujdar
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कर के वा'दा मुकर गया है कोई इश्क़ करने से डर गया है कोई लाश की बू सी आती है हर रोज़ लगता है मुझ में मर गया है कोई
Yuvraj Singh Faujdar
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मेरी दुनिया इतनी रौशन क्यूँ की तुम ने यार मैं बीनाई ही खो बैठा हूँ अपनी
Yuvraj Singh Faujdar
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वो अच्छी लड़की है बस इक बात का दुख है मुझ को अच्छी चीज़ों की आदत नइँ लगती
Yuvraj Singh Faujdar
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इक अजब सा ही सुकूँ है साथ तेरा साथ मेरे माँ हो ऐसा लग रहा है
Yuvraj Singh Faujdar
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