वो जो इक शख़्स मुझे ताना-ए-जाँ देता है मरने लगता हूँ तो मरने भी कहाँ देता है तेरी शर्तों पे ही करना है अगर तुझ को क़ुबूल ये सहूलत तो मुझे सारा जहाँ देता है
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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अब लगता है ठीक कहा था 'ग़ालिब' ने बढ़ते बढ़ते दर्द दवा हो जाता है
Madan Mohan Danish
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गले मिलना न मिलना तो तेरी मर्ज़ी है लेकिन तेरे चेहरे से लगता है तेरा दिल कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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मैं भी इक शख़्स पे इक शर्त लगा बैठा था तुम भी इक रोज़ इसी खेल में हारोगे मुझे ईद के दिन की तरह तुम ने मुझे ज़ाया' किया मैं समझता था मुहब्बत से गुज़ारोगे मुझे
Ali Zaryoun
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न भी चमके तो कोई बात नहीं तू तो वैसे ही सितारा है मुझे
Azhar Faragh
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उसे कहो जो बुलाता है गहरे पानी में किनारे से बँधी कश्ती का मसअला समझे
Azhar Faragh
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मुझे लगा था वो टूटे फूलों का ग़म करेगा और उस ने ताज़ा उठा लिए हैं ख़राब रख कर
Azhar Faragh
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जब सर-ए-शाम पजीराई-ए-फ़न होती है शाहज़ादी को कनीज़ों से जलन होती है ले तो आया हूँ तुझे घेर के अपनी जानिब आगे इंसान की अपनी भी लगन होती है
Azhar Faragh
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मैं जानता हूँ मुझे मुझ से माँगने वाले पराई चीज़ का जो लोग हाल करते हैं
Azhar Faragh
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