wo puchhta tha meri aankh bhigne ka sabab mujhe bahana banana bhi to nahin aaya
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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मेहरबाँ हम पे हर इक रात हुआ करती थी आँख लगते ही मुलाक़ात हुआ करती थी हिज्र की रात है और आँख में आँसू भी नहीं ऐसे मौसम में तो बरसात हुआ करती थी
Ismail Raaz
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तूफ़ानों से आँख मिलाओ सैलाबों पे वार करो मल्लाहों का चक्कर छोड़ो तैर के दरिया पार करो
Rahat Indori
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पूछ लेते वो बस मिज़ाज मिरा कितना आसान था इलाज मिरा
Fahmi Badayuni
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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सब के चेहरे पे जो तनक़ीद किया करते हैं आइना उन को दिखा दो तो मज़ा आ जाए
Waseem Barelvi
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नज़र-अंदाज़ करने की सज़ा देनी थी तुझ को तेरे दिल में उतर जाना ज़रूरी हो गया था
Waseem Barelvi
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क्या बताऊँ कैसा ख़ुद को दर-ब-दर मैं ने किया उम्र भर किस किस के हिस्से का सफ़र मैं ने किया तू तो नफ़रत भी न कर पाएगा इस शिद्दत के साथ जिस बला का प्यार तुझ सेे बे-ख़बर मैं ने किया
Waseem Barelvi
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इस दौर-ए-मुंसिफ़ी में ज़रूरी नहीं 'वसीम' जिस शख़्स की ख़ता हो उसी को सज़ा मिले
Waseem Barelvi
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तुम्हारा प्यार तो साँसों में साँस लेता है जो होता नश्शा तो इक दिन उतर नहीं जाता
Waseem Barelvi
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