वो बिजली का जैसे दिल में गिर जाना आँखों का इतराना रुख़ का शर्माना गालों पे उन के वो लाली का आना हाथों से हाथों का ख़ुद में टकराना कैसे बयाँ करूँँ क्या-क्या है बतलाना छोटी सी मज्लिस में उन सेे छू जाना
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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किसी गली में किराए पे घर लिया उस ने फिर उस गली में घरों के किराए बढ़ने लगे
Umair Najmi
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मिरे ख़िलाफ़ ही सब दस्तख़त हुए आख़िर मैं चुप रहा तो गुनहगार मुझ को माना है
arjun chamoli
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ये बताओ इश्क़ का ये फ़लसफ़ा क्या है दूरियाँ जब मिट गई तो अब बचा क्या है
arjun chamoli
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तड़प के रोए हैं चेहरा अगर छुपाया है कि लोग देख न ले आँख में समुंदर को
arjun chamoli
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वो साँप को बुरा कहते हैं ख़ुद आस्तीन में रहते हैं
arjun chamoli
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रोज़ अंदाज़ बदलते हैं मिरी क़िस्मत के पुर-ख़तर ख़्वाब में दुश्मन थे मिले फ़रहत के
arjun chamoli
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