वो गिरी चीजें उठाती ही नहीं है देख लेना वो दुबारा फेंक देगी चूड़ियाँ उस की पहन ली गर जो उस ने फिर तो वो छल्ला तुम्हारा फेंक देगी
Related Sher
उस को फ़ुर्सत नहीं मिलती कि पलट कर देखे हम ही दीवाने हैं दीवाने बने रहते हैं
Waseem Barelvi
151 likes
कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
354 likes
देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
300 likes
हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
298 likes
हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
333 likes
More from Vikas Shah musafir
उसे जाना था तो जाने दिया रोका नहीं मैं ने ज़बरदस्ती का रिश्ता अब मुझे उस सेे नहीं रखना
Vikas Shah musafir
1 likes
तुम कभी नहीं आना चाहती हो मेरे घर दुख कभी नहीं होता गर मिला नहीं होता
Vikas Shah musafir
1 likes
मुझ को भी ऐसी आँख अता कर मेरे ख़ुदा अंधा हो कर भी मुझ को ये नज़्ज़ारगी मिले
Vikas Shah musafir
1 likes
इश्क़ करते थे तभी सहना पड़ा मुझ को, नहीं तो दूर रहते जानते होते कि तुम ऐसा करोगी
Vikas Shah musafir
1 likes
बस ना कर दो मुझे चुप हो के चला जाऊँगा मैं मुसाफ़िर हूँ तलैयुल से चला जाऊँगा एक के होते हुए भी किसी और की चाहत ऐसी उल्फ़त से अलग हो के चला जाऊँगा
Vikas Shah musafir
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Vikas Shah musafir.
Similar Moods
More moods that pair well with Vikas Shah musafir's sher.







