वो हम से दूर होते जा रहे हैं क्यूँ नशे में चूर होते जा रहे हैं क्यूँ
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ये दुख अलग है कि उस सेे मैं दूर हो रहा हूँ ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूँ मैं ताज़ा ग़ज़लें ये तेरा ग़म है जो मुझ को मशहूर कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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हम को नीचे उतार लेंगे लोग इश्क़ लटका रहेगा पंखे से
Zia Mazkoor
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सोचते हो किस तरह दुनिया कहे मज़बूत शख़्स सोचने से यार वैसा तुम नहीं हो पाओगे मन की बातें करने वाले है हक़ीक़त अब यही इंदिरा गाँधी के जैसा तुम नहीं हो पाओगे
Danish Balliavi
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यहाँ भी लोग नहीं डरते दिल लगाने से ये है वो आग जो बुझती नहीं बुझाने से
Danish Balliavi
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ज़रा याद कर ले तू मुझ को ऐ दिलबर बहुत प्यार दूँगा मैं तुझ को ऐ दिलबर
Danish Balliavi
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ज़रा तू ध्यान दे मैं तेरी कितनी फ़िक्र करता हूँ दु'आओं में ख़ुदा से मैं तेरा ही ज़िक्र करता हूँ
Danish Balliavi
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वो ख़ुद को भी मुहज़्ज़ब ही बताते हैं, जो नाजाइज़ ही बस पैसे कमाते हैं
Danish Balliavi
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