sherKuch Alfaaz

वो लिखता जब ग़ज़ल है तो परी की बात करता है वो हर मिसरे में फिर उस की ख़ुशी की बात करता है

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सुकूँ घाटों पे ऐसा है कि फ़ारस भूल जाऊँ मैं मगर मुमकिन नहीं है ये बनारस भूल जाऊँ मैं

Arman Habib

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तेरी क़समें तेरे वा'दे तेरी बाहें तेरी यादें सभी मिल कर बताते हैं तेरा किरदार झूठा है

Arman Habib

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रख दिए होंठ होंठों पे तुम ने देख लो अब शुगर बढ़ गया है

Arman Habib

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तिरी हर बात वादे की तिरा दावा भी खोटा है तेरा भेजा हुआ ख़त भी मुझे मालूम झूठा है मेरा हर लफ़्ज़ तेरा था मेरी हर साँस थी तेरी करूँँ क्या ज़िक्र तेरा मैं तेरी ख़ूँ में ही धोका है

Arman Habib

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अव्वल-अव्वल उस का हँसता चेहरा देखा जा सकता है इक ही लम्हे में फिर मौसम अच्छा देखा जा सकता है दिलकश चेहरा मय-कश आँखें बिखरी ज़ुल्फ़ों से तुम निकलो देखो तो फिर दो आँखों से दुनिया देखा जा सकता है

Arman Habib

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