वो मुझ सेे रोज़ कहती थी मुझे तुम चाँद ला कर दो उसे इक आइना देकर अकेला छोड़ आया हूँ
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तेरी ख़ुशियों का सबब यार कोई और है ना दोस्ती मुझ सेे है और प्यार कोई और है ना
Ali Zaryoun
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मैं ने जो कुछ भी सोचा हुआ है, मैं वो वक़्त आने पे कर जाऊँगा तुम मुझे ज़हर लगते हो और मैं किसी दिन तुम्हें पी के मर जाऊँगा
Tehzeeb Hafi
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मैं ने उस सेे प्यार किया है मिल्किय्यत का दावा नइँ वो जिस के भी साथ है मैं उस को भी अपना मानता हूँ
Ali Zaryoun
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अब ज़रूरी तो नहीं है कि वो सब कुछ कह दे दिल में जो कुछ भी हो आँखों से नज़र आता है मैं उस सेे सिर्फ़ ये कहता हूँ कि घर जाना है और वो मारने मरने पे उतर आता है
Tehzeeb Hafi
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भरम रखा है तेरे हिज्र का वरना क्या होता है मैं रोने पे आ जाऊँ तो झरना क्या होता है मेरा छोड़ो मैं नइँ थकता मेरा काम यही है लेकिन तुम ने इतने प्यार का करना क्या होता है
Tehzeeb Hafi
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उस की तस्ख़ीर नहीं कोई जहाँ में साक़ी चाँद लाओ या ज़मीं को ही उलट कर देखो
Shadab bastavi
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वो रो रहा है उसे चुप करा दो मत रोए कि इस जहाँ के लिए रो रहा यही दुनिया
Shadab bastavi
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मैं तेरे वास्ते वो सारे रिश्ते छोड़ आया हूँ जो मेरी आबरू थे दिल उन्हीं का तोड़ आया है
Shadab bastavi
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सल्तनत तर्क किया क्यूँ चुना जंगल उस ने एक राजा ने मुहब्बत यूँँ निभाई होगी
Shadab bastavi
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उदासी रो के ये बोली मैं हूँ दरकार-ए-शादाबी मैं तेरी आशियाँ की सम्त उस को मोड़ आया हूँ
Shadab bastavi
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