वो पेड़ यूँँ पत्तों से जुदा रहने लगा है जैसे कोई अपनों से जुदा रहने लगा है पैसों की कमी आए न बच्चों पे कभी भी वो बाप तो बच्चों से जुदा रहने लगा है
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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इलाज अपना कराते फिर रहे हो जाने किस किस से मोहब्बत कर के देखो ना मोहब्बत क्यूँँ नहीं करते
Farhat Ehsaas
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मैं भी इक शख़्स पे इक शर्त लगा बैठा था तुम भी इक रोज़ इसी खेल में हारोगे मुझे ईद के दिन की तरह तुम ने मुझे ज़ाया' किया मैं समझता था मुहब्बत से गुज़ारोगे मुझे
Ali Zaryoun
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तुम उन के वा'दे का ज़िक्र उन से क्यूँँ करो 'ग़ालिब' ये क्या कि तुम कहो और वो कहें कि याद नहीं
Mirza Ghalib
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दुख अपना अगर हम को बताना नहीं आता तुम को भी तो अंदाज़ा लगाना नहीं आता
Waseem Barelvi
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ये भूल है दुनिया की कई साल जिएँगे लगती है मुझे ज़िंदगी लम्हों की कहानी
salman khan "samar"
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याद ग़ालिब ने किया है हम को अपने शहर में तो लाज़मी है हम सभी पर इल्म कुछ हासिल करेंगे
salman khan "samar"
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तेरी हर एक बात को सुनता हूँ जो ख़मोश करता हूँ एहतिराम तिरे हर्फ़-ओ-लफ़्ज़ का
salman khan "samar"
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पूछूँ जो किसी यार से बारे में तिरे तो हर यार की बातों में तिरी याद है सीकर
salman khan "samar"
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तुम माँग अगर लेते तो जान भी दे देता छीना है मिरा हक़ क्यूँँ मुझ को ये शिकायत है
salman khan "samar"
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