sherKuch Alfaaz
यार इक बार परिंदों को हुकूमत दे दो ये किसी शहर को मक़्तल नहीं होने देंगे ये जो चेहरे हैं यहाँ चाँद से चेहरे 'ताबिश' ये मिरा इश्क़ मुकम्मल नहीं होने देंगे
Abbas Tabish37 Likes
यार इक बार परिंदों को हुकूमत दे दो ये किसी शहर को मक़्तल नहीं होने देंगे ये जो चेहरे हैं यहाँ चाँद से चेहरे 'ताबिश' ये मिरा इश्क़ मुकम्मल नहीं होने देंगे
More moods that pair well with Abbas Tabish's sher.
Our suggestions based on Abbas Tabish.