यादों में आज कोई रूपोश हो गया आख़िर में आज दिल ये ख़ामोश हो गया
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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तुम बहारों में पले हो मैं ख़िज़ाँओं का ख़ुदा हूँ
Lekhak Suyash
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वादे तकल्लुफ़ होते हैं 'लेखक' कुछ करना तो कोशिश करना तुम
Lekhak Suyash
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तुम को दर्द भी होता है क्या तुम ऐसे कैसे लड़के हो
Lekhak Suyash
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नस्ल थे हम वो कि जिस ने गाँव तो देखे न थे शहर था इक वो भी अब तो जाँ-सिताँ सा हो गया
Lekhak Suyash
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मोहब्बत को इबादत मानता हूँ मैं ख़ुदा इंसाफ़ कर मेरी परस्तिश का
Lekhak Suyash
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