यहाँ दाग़-दार और भी हैं हैं हम तेरे यार और भी हैं बुझा इक चराग़ ख़ुश नहीं हो चराग़-ए-मज़ार और भी हैं
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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मर चुका है दिल मगर ज़िंदा हूँ मैं ज़हर जैसी कुछ दवाएँ चाहिए पूछते हैं आप आप अच्छे तो हैं जी मैं अच्छा हूँ दुआएँ चाहिए
Jaun Elia
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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
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तेरी ख़ुशियों का सबब यार कोई और है ना दोस्ती मुझ सेे है और प्यार कोई और है ना
Ali Zaryoun
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पूछते हैं वो कि ग़ालिब कौन है कोई बतलाओ कि हम बतलाएँ क्या
Mirza Ghalib
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कहानी तुम्हारी है हीरो हो तुम कहाँ कह रहे हम कि ज़ीरो हो तुम
Shubham Rai 'shubh'
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तजरबा बस तुम्हें है जीने का हम ने तो ज़िंदगी गँवाई है दस्त के आप ही मुसाफ़िर हो ख़ाक हम ने कहाँ उड़ाई है
Shubham Rai 'shubh'
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जैसे क़िस्मत आज़माना होता है उस तरह अब दिल लगाना होता है ये खुले गेसू नशीली आँखें बस और क्या दिल हार जाना होता है
Shubham Rai 'shubh'
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सब हो ये वक़्त-ए-रुख़्सत न हो हो मुलाक़ात आफ़त न हो तुम तसव्वुर में आती रहो दिल लगे तुम सेे नफ़रत न हो
Shubham Rai 'shubh'
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सुनाते नहीं थे सुनाना पड़ा है उसे दर्द मुझ को दिखाना पड़ा है मुहब्बत सफ़र है मुसाफ़िर हैं हम भी सो दिल को ठिकाना बनाना पड़ा है
Shubham Rai 'shubh'
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