ये जो इतराते हैं ऊँचाई पर से गिरेंगे तो ज़मीं पे ही मिलेंगे
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मिले किसी से गिरे जिस भी जाल पर मेरे दोस्त मैं उस को छोड़ चुका उस के हाल पर मेरे दोस्त ज़मीं पे सबका मुक़द्दर तो मेरे जैसा नहीं किसी के साथ तो होगा वो कॉल पर मेरे दोस्त
Ali Zaryoun
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ज़मीं पे घर बनाया है मगर जन्नत में रहते हैं हमारी ख़ुश-नसीबी है कि हम भारत में रहते हैं
Mehshar Afridi
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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मुझ को भी उन्हीं में से कोई एक समझ ले कुछ मसअले होते हैं ना जो हल नहीं होते
Ali Zaryoun
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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मेरी चाहत किसी आँगन की तुलसी है मैं कैसे घर में लाऊँ माँ कोई तुलसी
100rav
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उसे तू छू ले बस अब ज़िस्म देता ये हिदायत है ये सोचा कैसे मेरा रूह करता ये शिकायत है मेरे ख़त को जलाकर कहती है अच्छा लिखा तुम ने, ख़ुदा तू ही बता दे ज़ुल्म है या फिर इनायत है
100rav
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ये जो सब कहते हैं आएगी क़यामत एक दिन मैं ने वो दिन भी गुज़ारे हैं तेरे जाने के बा'द
100rav
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नहीं हैं लोग जो मौसम से आँधी भाँप लेते थे मिलूँ हँसते हुए तो यार मुझ को ख़ुश समझते हैं
100rav
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रहूँ मैं जाल में उस के ज़रा सी बात करती है मैं भी अब पहले का मेंढक नहीं बस इक कुएँ वाला
100rav
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