ये जो कहते हैं कि हम तैर के बाहर आए ये हैं दरअस्ल समुंदर के उछाले हुए लोग
Related Sher
हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
373 likes
मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
388 likes
जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
368 likes
मंज़िलें क्या हैं, रास्ता क्या है हौसला हो तो फ़ासला क्या है
Aalok Shrivastav
152 likes
उस को फ़ुर्सत नहीं मिलती कि पलट कर देखे हम ही दीवाने हैं दीवाने बने रहते हैं
Waseem Barelvi
151 likes
More from Shakir Dehlvi
कहाँ हो राम आ कर देख तो लो तुम्हारे नाम पर क्या हो रहा है
Shakir Dehlvi
0 likes
इक अधूरा ख़्वाब जो अक्सर डराता था मुझे तेरा जाना उस अधूरे ख़्वाब की ता'बीर है
Shakir Dehlvi
1 likes
तुम पलटते तो देखते 'शाकिर' उस ने मुड़ कर दोबारा देखा था
Shakir Dehlvi
2 likes
उम्र भर हम साथ चल कर भी अकेले ही रहे मैं इधर था वो उधर और इक नदी थी दरमियाँ
Shakir Dehlvi
2 likes
ये तेरे हिज्र की तन्हाई के पाले हुए लोग मारे फिरते हैं तेरे दिल से निकाले हुए लोग
Shakir Dehlvi
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Shakir Dehlvi.
Similar Moods
More moods that pair well with Shakir Dehlvi's sher.







