तुम पलटते तो देखते 'शाकिर' उस ने मुड़ कर दोबारा देखा था
Related Sher
अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
221 likes
बड़े नादान हो तुम भी ज़रा समझा करो बातें गले मिल कर जो रोती है बिछड़ कर कितना रोएगी
Ankita Singh
211 likes
किस लिए देखती हो आईना तुम तो ख़ुद से भी ख़ूब-सूरत हो
Jaun Elia
203 likes
मैं चाहता हूँ मोहब्बत मेरा वो हाल करे कि ख़्वाब में भी दोबारा कभी मजाल न हो
Jawwad Sheikh
135 likes
तुम मोहब्बत को खेल कहते हो हम ने बर्बाद ज़िंदगी कर ली
Bashir Badr
132 likes
More from Shakir Dehlvi
ख़ामुशी दूरियाँ बढ़ाती है और बढ़ाती है बद-गुमानी भी
Shakir Dehlvi
1 likes
इस लिए भी मेरा जाना है ज़रूरी शाकिर मुंतज़िर हैं मेरे तलवार निकाले हुए लोग
Shakir Dehlvi
1 likes
उस रब्बे काइनात से टाली नहीं गई माँ की कोई दुआ कभी ख़ाली नहीं गई
Shakir Dehlvi
2 likes
चारा-गर कुछ तो बता क्या है मुदावा ग़म का मौत है इश्क़ है दारू है दवा है क्या है
Shakir Dehlvi
1 likes
तुम्हारी याद मेरी आँख के किनारों से तमाम उम्र बही है किसी नदी की तरह
Shakir Dehlvi
2 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Shakir Dehlvi.
Similar Moods
More moods that pair well with Shakir Dehlvi's sher.







