ये तो हम सेे आज़ादी की अर्ज़ी है तुम ख़ुद गर्ज़ नहीं थे ये ख़ुद गर्ज़ी है चाहत तो तुम समझ रही हो अच्छे से आगे मेरी जान तुम्हारी मर्ज़ी है
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
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क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था
Tehzeeb Hafi
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बड़े नादान हो तुम भी ज़रा समझा करो बातें गले मिल कर जो रोती है बिछड़ कर कितना रोएगी
Ankita Singh
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किस लिए देखती हो आईना तुम तो ख़ुद से भी ख़ूब-सूरत हो
Jaun Elia
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ज़रा सा भर गए क्या देखिए ना घड़े झगड़ा नदी से कर रहे हैं
Akash Gagan Anjaan
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उस की चौखट को चू में बिन अपना तीर्थ अधूरा है औरों की ख़ातिर बस चारों धाम बहुत होते होंगे
Akash Gagan Anjaan
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सपनों के आगे है ज़िम्मेदारी सो घर का राशन पानी देखा करते हैं
Akash Gagan Anjaan
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कभी क़िस्मत नहीं खुलती हमारी खुला रहता है दरवाज़ा हमारा
Akash Gagan Anjaan
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दुनिया वाले पागल कहने से पहले ये भूल गए, पागल की ख़ातिर पूरी दुनिया भी पागल होती है
Akash Gagan Anjaan
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