ye to ek rasm-e-jahan hai jo ada hoti hai warna suraj ki kahan salgirah hoti hai
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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परों को खोल ज़माना उड़ान देखता है ज़मीं पे बैठ के क्या आसमान देखता है
Shakeel Azmi
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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टकरा गया वो मुझ से किताबें लिए हुए फिर मेरा दिल और उस की किताबें बिखर गईं
Unknown
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बोसा जो तलब मैं ने किया हँस के वो बोले ये हुस्न की दौलत है लुटाई नहीं जाती
Unknown
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चल दिए घर से तो घर नहीं देखा करते जाने वाले कभी मुड़ कर नहीं देखा करते सीपियाँ कौन किनारे से उठा कर भागा ऐसी बातें समुंदर नहीं देखा करते
Unknown
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ज़िंदगी भर की हिफ़ाज़त की क़सम खाते हुए भाई के हाथ पे इक बहन ने राखी बाँधी
Unknown
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अच्छी सूरत को सँवरने की ज़रूरत क्या है सादगी में भी क़यामत की अदा होती है
Unknown
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