ये उदासी भरी इक रात भला कुछ भी नहीं हम ने वो दिन भी हैं काटे कि जो काटे न गए
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
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ज़रा से शक पे हुआ ख़त्म राब्ता लेकिन ज़रा सा शक न हुआ ख़त्म दरमियाँ से मगर
Mohit Subran
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ये दुनिया एक मंडी है नहीं इस के सिवा कुछ भी यहाँ जिस को भी देखो बिकने को तैयार बैठा है
Mohit Subran
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तिरी दौलत का जादू है जो तुझ तक खींच लाया है वगरना भाई मेरे सुन ये तेरी भी नहीं होती
Mohit Subran
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ये बात भूलें न नेता कि आम लोगों ने जभी है चाही जो सरकार वो गिरा डाली
Mohit Subran
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ये जो दबा दी तुम ने ख़बर आज टीवी पे तुम क्या समझते हो मुझे इस की ख़बर नहीं
Mohit Subran
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