ज़बाँ मीठी रखो या तल्ख़ तुम मगर सच कहने की आदत रखो
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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कहो हमें भला बुरा या कुछ भी तुम यहाँ मगर कहे जो सच वो आइना भी पास हो
Lalit Mohan Joshi
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ये नज़र जो है तुम्हारी लड़कियों पर यार वो भी तो किसी की बेटियाँ हैं
Lalit Mohan Joshi
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मुश्क आने मौत की मुझ को लगी इश्क़ दुनिया करने ही मुझ को लगी क्या कहूँ मैं ऐसी नादानी को अब प्यार में फिर छलने भी मुझ को लगी
Lalit Mohan Joshi
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सुनो ये सर्द रातों की दर्द बातें ख़मोशी से ये लब सिल जैसे गए हैं
Lalit Mohan Joshi
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सुनो यार ख़तरा वो अब टल गया मैं आख़िर जो उस के गले यूँँ लगा
Lalit Mohan Joshi
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