ज़ख़्म खाते खाते छोड़ा साथ दम ने माज़रत इश्क़ करने की ख़ता कर ली थी हम ने माज़रत सर पटक कर चीख़ता है दर्द मेरा हर घड़ी देख मुझ को कह दिया है ख़ुद ही ग़म ने माज़रत
Related Sher
उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए
Bashir Badr
111 likes
किताब फ़िल्म सफ़र इश्क़ शा'इरी औरत कहाँ कहाँ न गया ख़ुद को ढूँढ़ता हुआ मैं
Jawwad Sheikh
109 likes
जानता हूँ कि तुझे साथ तो रखते हैं कई पूछना था कि तेरा ध्यान भी रखता है कोई?
Umair Najmi
109 likes
ये जो मैं होश में रहता नहीं तुम सेे मिल कर ये मिरा इश्क़ है तुम इस को नशा मत समझो
Shakeel Azmi
87 likes
सच बताओ कि सच यही है क्या साँस लेना ही ज़िंदगी है क्या कुछ नया काम कर नई लड़की इश्क़ करना है बावली है क्या
Vikram Gaur Vairagi
87 likes
More from Firdous khan
लाश बिस्तर से देखती है उसे रूह लटकी हुई है पंखे पर
Firdous khan
2 likes
तुम्हारे क़दमों को जब चूमती हूँ लगता है ऐसा कोई जोगन किसी दरगाह की चौखट को चू में है
Firdous khan
3 likes
कितना मुश्किल है ना हर साल सफ़र पर होना संग-ए-मील आख़िरी बन जाना दिसम्बर होना
Firdous khan
3 likes
मैं माँगू वक़्त नोटों सा तू चिल्लड़ सा थमा जाए तेरी ख़ैरात में अपना गुज़ारा हो नहीं सकता
Firdous khan
3 likes
साॅरी उस ने मुझे कहा है फिर या'नी अब कुछ तो हादसा है फिर
Firdous khan
3 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Firdous khan.
Similar Moods
More moods that pair well with Firdous khan's sher.







