ज़लज़ला शायद नहीं आया उधर जो कभी मग़रूर थे मग़रूर हैं
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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ज़िन्दगी से हम ख़फ़ा हो के कहाँ जाएँगे शाज़ हम जहाँ जाएँगे ये दुश्वारियाँ होगी वहाँ
Meem Alif Shaz
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ज़िन्दगी रुक ही न जाए इस लिए भी लोग पैसे ख़र्च करते ही नहीं हैं
Meem Alif Shaz
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ये मोहब्बत क्या मोहब्बत है कि हम ने जिस को चाहा है उसे देखा नहीं है
Meem Alif Shaz
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ये मोहब्बत की शहादत है इसे दिल से समझ जिस तरफ़ से भी मैं जाऊँ तेरा घर आ जाता है
Meem Alif Shaz
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ये किस की ख़ुशबू महकी है गली में किराएदार भी आने लगे हैं
Meem Alif Shaz
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