ज़माना चाहे जो आज कर ले नहीं रुकेंगे क़दम हमारे जिस आग से आफ़ताब रौशन वो आग दिल में धधक रही है
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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परों को खोल ज़माना उड़ान देखता है ज़मीं पे बैठ के क्या आसमान देखता है
Shakeel Azmi
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मुद्दतें गुज़र गई 'हिसाब' नहीं किया न जाने अब किस के कितने रह गए हम
Kumar Vishwas
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तुम्हें उस्ताद से मिलेगा जो न मिलेगा ग़ज़ल की बाबत में
Amaan Pathan
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जो मेरे पास आना चाहते हैं उन्हीं से दूर जाना चाहता हूँ
Amaan Pathan
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ज़िंदगी मेरी दे दो किसी और को अब न ताक़त है और हौसला भी नहीं
Amaan Pathan
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अब आस्तीन के साँपों से दूर रहना है उसे कहो न करे फ़ोन बार बार मुझे
Amaan Pathan
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अलिफ़-वस्ल जैसे मिले थे कभी हम अमान अब वो दिल से जुदा कर चुकी है
Amaan Pathan
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